जल्द तालिबान का पत्ता साफ करने की तैयारी? अजीत डोभाल बना रहे हैं मास्टर प्लान …

इस बात में तो कोई शक नहीं है कि अभी के लिए अफगानिस्तान के तालिबान का राज है जिसके चलते बहुत ही बड़ी संख्या में है एशिया महाद्वीप में अस्थिरता का सामना किया जा रहा है और अब ऐसे समय के अंदर भारत की सेना तो कुछ ज्यादा दूर जाकर कुछ नहीं कर सकती है लेकिन भारत का खुफिया प्रणाली तंत्र जरूर बहुत कुछ कर सकता है और इस मामले में चीजें काम पर लगी हुई है इसकी नजारे हम लोग लगातार हो रही बैठकों में देख सकते हैं!

अजीत दोवाल के सीआईए और रूसी सुरक्षा अधिकारी संपर्क में
ऐसे में भारत की ओर से अफगानिस्तान में तालिबान को देखते हुए मोदी सरकार ने भारत के जेम्स बांड कहे जाने वाले अजीत डोभाल को तुरंत प्रभाव से सक्रिय कर दिया है क्योंकि संभावना यह है कि तालिबान वाखान कॉरिडोर के जरिए जम्मू कश्मीर में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर सकता है! इस मामले में संजीदगी दिखाते हुए अजीत डोभाल लगातार कई इंटरनेशनल हाई लेवल की मीटिंग कर रहे हैं!

मीडिया रिपोर्ट से यह मालूम चलता है कि अजीत डोभाल ने अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के प्रमुख के साथ भी एक गुप्त बैठक की है तो वहीं रूस के सुरक्षा अधिकारियों के साथ भी बातचीत हो रही हैं इस हफ्ते के अंदर कुछ बड़े बड़े ख़ुफ़िया तंत्र से जुड़े हुए लोग भारत भी आ सकते हैं जिनके साथ में को-ऑप रेशन करके भारत विश्व शांति और सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा सकता है!

अंदर जाकर तालिबान को हिलाना मुश्किल?
जब से अफगानिस्तान को अमेरिका छोड़ कर चुपचाप निकल गया है उसके बाद से अफगानिस्तान की जमीन पर जाकर तालिबान को रोकना मुश्किल है लेकिन भारत सरकार लगातार खुफिया और डिप्लोमेटिक तरीके से इस कोशिश में लगा हुआ है कि तालिबान कभी इतना ताकतवर बन ही ना पड़े कि वो इधर आने की सोच सके!

अब ऐसे में जब इसकी कमान अजीत डोभाल जैसे विश्वसनीय अधिकारियों को सौंप दी जाती है जिसके सहारे पूरा देश चैन की नींद सो रहा है तो फिर भारत की सरकार भी इस मामले में आस मत है कि विश्व की अन्य खुफिया एजेंसियों की मदद से अजीत डोभाल की मौजूदगी में भारत कई इंटेलिजेंस इनपुट हासिल कर सकता है जिससे देश की सीमाओं को सुरक्षित किया जा सकेगा और तालिबान को दूर से ही कमजोर कर दिया जा सकेगा!

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