मल्लिका शेरावत ने सुनाई आपबीती बोलीं- पुरुषों से नहीं, महिलाओं से दिक्कत इसलिए करना पड़ा ये काम

बॉलीवुड की खूबसूरत अभिनेत्री मल्लिका शेरावत लंबे वक्त से बड़े पर्दे से दूर हैं। उन्हें इंडस्ट्री में उनके बोल्ड अवतार की वजह से जाना जाता है। मल्लिका अपने बारे में कई तरह के खुलासे करती रहती हैं। अब उनका कहना है कि एक वक्त ऐसा भी आया था जब तंग होकर वो देश छोड़ना चाहती थी।

मल्लिका ने अपने एक इंटरव्यू में कहा है कि प्रेस के एक निश्चित वर्ग द्वारा तंग किए जाने के बाद थोड़ी देर के लिए उन्होंने देश छोड़ने का फैसला कर लिया था।

एक्ट्रेस बनने के लिए घर से भागना पड़ा

मल्लिका शेरावत का कहना है कि उन्हें पुरुषों से कभी कोई दिक्कत नहीं रही। उन्होंने कहा कि मीडिया के एक वर्ग खासकर महिलाओं द्वारा उन्हें तंग किया गया। मल्लिका शेरावत ने कहा कि जब उन्होंने एक्टिंग में करियर बनाने का फैसला किया, तो उनको अपने घर में ही पितृसत्ता से लड़ना पड़ा, जो काफी मुश्किल था।

जिस कारण उन्हें घर से तक भागना पड़ा। उन्होंने कहा, मुझे परिवार के विरोध का सामना करना पड़ा। मेरे पिता बेहद रूढ़िवादी हैं। मां भी और भाई भी। उस वक्त मेरे पास बिल्कुल भी समर्थन नहीं था। ऐसे में मैं एक्ट्रेस बनने के लिए घर से भाग गई।

मेरे घर से निकलने के लिए वहां सब ठीक हो गया

उन्होंने कहा, जब मैं मुंबई आई तो सब कुछ ठीक हो गया। मेरे पास हमेशा पैसा था, क्योंकि मेरे पास बहुत सारे गहने थे। जिन्हें मैंने बेच दिया और मुंबई अपने सफर का खर्चा उठाया। उन्होंने कहा कि घर से भागने के कदम के कारण मेरी मां का दिल टूट गया। उन्होंने कहा कि मेरे परिवार में कलह हुई जिस कारण मुझे दुख पहुंचा और दिल भी टूट गया था।

मल्लिका शेरावत ने कहा कि उन्हें मुंबई का कल्चर अपनाने और बसने में वक्त लगा।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में समाज विकसित हुआ है, अब लोग उस तरह की फिल्मों के प्रति अधिक सहिष्णु हैं, जो उन्होंने अपने शुरुआती दौर में की थी। उन्होंने बिकनी पहने और स्क्रीन पर चुंबन देने वाली फइल्मों को अनुभव का हिस्सा बताया और कहा कि मैं वास्तव में खुश हूं कि समाज में बहुत विकास हुआ है। लोग अधिक सहिष्णु हो गए हैं। आज सामने की नग्नता कोई बड़ी बात नहीं है…।

मुंबई में एडजस्ट होने में लगा वक्त

मल्लिका शेरावत ने कहा कि उन्हें मुंबई का कल्चर अपनाने और बसने में वक्त लगा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में समाज विकसित हुआ है, अब लोग उस तरह की फिल्मों के प्रति अधिक सहिष्णु हैं, जो उन्होंने अपने शुरुआती दौर में की थी।

उन्होंने बिकनी पहने और स्क्रीन पर चुंबन देने वाली फइल्मों को अनुभव का हिस्सा बताया और कहा कि मैं वास्तव में खुश हूं कि समाज में बहुत विकास हुआ है। लोग अधिक सहिष्णु हो गए हैं। आज सामने की नग्नता कोई बड़ी बात नहीं है…।

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