टीचर नफीसा अटारी ही नहीं राशिद अब्दुल ने भी मनाया पाकिस्तान की जीत का जश्न, भेजा गया जे ल

IND vs PAK T20 World Cup News: जोधपुर के पिपड़ सिटी के रशीद अब्दुल ने भी टी20 वर्ल्ड कप मैच में भारत की हार का जश्न मनाया। उसने भी व्हाट्सएप पर उदयपुर की शिक्षिका नफीसा अटारी की तरह स्टेटस डाला था। लेकिन उनका ये स्टेटस और इससे जुड़ी चैट का स्क्रीन शॉट वायरल हो गया. बाद में उसके खि लाफ दर्ज मामले में पुलिस ने राशिद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी भी खारिज कर दी है।

जोधपुर। टी20 वर्ल्ड कप में भारत की हार और पाकिस्तान की जीत से न सिर्फ उदयपुर की शिक्षिका नफीसा अटारी बल्कि और भी कई लोग खुशी से झूम उठे हैं. उदयपुर जैसा ही मामला जोधपुर में भी सामने आया है। यहां के युवक राशिद अब्दुल ने पाकिस्तान की जीत के बाद इसे मनाते हुए एक राज्य भी लगाया। बाद में कोई आ पत्ति जताने पर उन्होंने कहा कि मैं आज बहुत खुश हूं। लेकिन उनका जश्न उन पर भारी पड़ गया। युवक के खि लाफ मामला दर्ज होने के बाद उसे गि रफ्तार कर लिया. बाद में कोर्ट ने भी उसे ज मानत देने से इनकार करते हुये जे ल की सलाखों के पीछे भेज दिया है.

जानकारी के मुताबिक मामला जोधपुर के पिपार शहर का है. पिछले रविवार को टी20 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान के मैच में पाकिस्तान की जीत के बाद पिपर शहर के रहने वाले राशिद अब्दुल ने इस जीत की खुशी अपने वॉट्सएप स्टेटस पर जाहिर की. एक और युवक ने अपना स्टेटस टैग करते हुए पूछा… क्या हुआ, क्यों जश्न मना रहे हो, भारत क्यों हार गया, तो क्या? इस पर राशिद अब्दुल ने जो जवाब दिया वह चौकाने वाला था. उन्होंने इसके जवाब में लिखा कि हां…बहुत खुश…आज। उसके बाद सवाल पूछने वाले ने इसका जवाब दिया कि तो फिर यहां क्यों रहते हो …?

स्क्रीन शॉट वायरल हुआ तो फैला आ क्रोश
सोशल मीडिया पर दोनों की युवकों की हुई बातचीत का स्क्रीन शॉट बाद में वायरल हो गया तो पीपाड़ में इस मामले को लेकर लोगों में आ क्रोश फैल गया. उसके बाद महेंद्र टाक नामक युवक ने पीपाड़ थाने में इसको लेकर एक परिवाद दिया. इस पर पुलिस ने आरोपी युवक को गि रफ्तार कर कोर्ट में पेश किया. वहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जे ल भेज दिया गया.

आरोपी को कोर्ट ने नहीं दी जमा नत
रशीद अब्दुल की ओर से पीपाड़ के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष बुधवार को जमा नत याचिका पेश की गई थी. लेकिन कोर्ट ने मामले को गं भीर मानते हुए उसे खा रिज कर दिया. कोर्ट ने आरो पी रशीद अब्दुल की ओर से सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी को बहुत गंभीर माना और जमा नत देने से इनकार कर दिया.

यह तर्क पेश किया गया आ रोपी युवक की ओर से कोर्ट में
आरो पी की तरफ से कोर्ट में दलील दी गई कि वह निर्दोष है और इस मामले में उसे झूठा फंसाया गया है. इस पर कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पत्रावलियों को देखने से स्पष्ट हो जाता है कि आरोपी ने देश वि रोधी व सौहार्द की भावनाएं भड़ काने का प्रयास किया है. इसके अलावा महेन्द्र टाक को ध मकी भी दी है. ऐसे में उसे जमानत नहीं दी जा सकती है.

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