‘डॉ हाथी’ के रोल की वजह से ही कवि कुमार आजाद की हुई थी मौत, डॉक्टर के किया था खुलासा

टेलिविज़न के बहुचर्चित शो “तारक मेहता का उल्टा चश्मा” में डॉक्टर हाथी का किरदार निभाकर लोगों के दिलों में अपनी एक खास जगह बनाने वाले कवि कुमार आजाद आज भले इस दुनिया में ना हो, मगर उनके फैन्स और चाहनेवाले आज भी उन्हें बेहद याद करते हैं। डॉक्टर हाथी के किरदार से लोकप्रियता बटोरने वाले कवि कुमार की मौत हार्ट अटैक के कारण हुई थी। इसके साथ ही डॉक्टरों का यह भी कहना था कि कवि कुमार की बिगड़ी लाइफस्टाइल और बढ़ती वजन भी मौत के कारणों में से एक थी।

पहली सर्जरी में कम हुई थी 80 किलो वजन :-

ये तो हर कोई जानता है कि साल 2010 में 200 किलों के कवि कुमार उर्फ डॉक्टर हाथी ने सर्जरी के मदद से अपना वजन 80 किलो कम किया था जिसके बाद भले ही उनकी जिंदगी बेहद आसान हो गई हो मगर असल में कवि कभी भी अपना वजन कम नही करना चाहते थे। इस बात का खुलासा 11 साल पहले बैरिएट्रिक सर्जरी करने वाले डॉ. मुफी लाकडवाला ने अपने एक इंटरव्यू के दौरान किया था।

डॉक्टर ने बताया कि कवि कुमार अपना वजन इसलिए कम नही करना चाहते थे क्योंकि उन्हें लगता था कि वजन कम होने के बाद उन्हें काम नहीं मिलेगा। डॉक्टर मुफ़ी ने आगे बताया कि 11 साल पहले कवि कुमार उनके पास बहुत गंभीर अवस्था में आये थे। 265 किलों वजन होने के कारण उनका चलना भी मुश्किल हो गया था और इसी कारण उन्हें 10 दिनों तक वेंटीलेटर में रखा गया था। डॉक्टर ने आगे बताया कि उन्होंने कई बार कवि कुमार को बैरिएट्रिक सर्जरी की सलाह दी थी, लेकिन काम न मिलने के डर के कारण वह अपने कदम पीछे कर लेते थे।

बेरोजगार होने के डर ने ली जान :- डॉक्टर मुफ़ी ने आगे बताया कि 10 दिनों तक वेंटीलेटर में रहने के बाद ओर सर्जरी के बाद डॉक्टर हाथी ने अपना 140 किलो वजन कम किया था और काम शुरू कर सेट पर भी जाने लगे थे। फिर डॉक्टर मुफ़ी ने उन्हें दूसरी बैरिएट्रिक सर्जरी की सलाह दी, मगर कवि कुमार ने इसे नजरअंदाज कर दिया क्योंकि दूसरे सर्जरी के बाद उनका वजन 90 किलो तक कम हो सकता था जिसके कारण उन्हें ऐसा लगने लगा कि कम वजन होने से वह बेरोजगार हो जाएंगे।

डॉ. मुफी ने उन्हें पैडिंग का इस्तेमाल कर कैमरा फेस करने की सलाह भी दी, लेकिन वे इसके लिए भी राजी नहीं हुए। डॉक्टर की बात ना मानने के कारण कवि कुमार का वजन 20 किलो बढ़ गया और वह 160 किलो के हो गए। वजन बढ़ने के बाद भी डॉक्टर हाथी ने अपने सर्जरी की बात नही मानी जिसके बाद उनके करीबियों ओर डॉक्टर का मानना है कि अगर उस वक़्त उन्होंने अपनी सर्जरी करा ली होती तो आज शायद वह जिंदा होते।

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