पिता की एक बात से बदल गयी इस लड़की की ज़िन्दगी, IPS बनकर किया सपना पूरा

त्रिपुरा

हर इंसान कई सपने देखता है परंतु अपने सपने को वही पूरा कर पाता है जिसके हौसले बुलंद हों। जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं, आजकल के समय में लड़का हो या लड़की, दोनों ही एक समान माने गए हैं। मौजूदा समय में लड़कियां हर क्षेत्र में अपने माता-पिता के साथ-साथ देश का भी नाम रोशन कर रही हैं। ऐसी बहुत सी लड़कियां हैं जो छोटे गांव, कस्बे से आती हैं परंतु वह अपनी मेहनत और लगन से कुछ ऐसा कर गुजरती हैं कि हर कोई उनको सलाम करता है।

पिता की एक बात इतनी चुभी की ले लिया ये निर्णय

आज हम आपको इस लेख के माध्यम से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की रहने वाली लकी चौहान के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। जो लड़कियां छोटे से गांव, कस्बे से निकलकर कुछ कर गुजरने का सपना देखती हैं और उन्हें साकार करके ही दम लेती हैं, उन सभी लड़कियों के लिए लकी चौहान प्रेरणास्रोत हैं। बचपन में लकी चौहान के पिता जी ने उन्हें एक ऐसी बात कही थी जिसके बाद उन्होंने आईपीएस अफसर बनने का निर्णय ले लिया था परंतु उनके लिए यह सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था।

खूब संघर्ष करने के बाद मिला ये मुकाम

आपको बता दें कि लकी चौहान ने अपने पिता की एक बात और बचपन में देखे गए सपने को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत और संघर्ष किया है। लकी चौहान ने हर कठिन परिस्थितियों को पार करते हुए यूपीएससी परीक्षा 2012 में ऑल इंडिया 246 रैंक हासिल की और अपने पिता का आईपीएस बनने का सपना पूरा किया। लकी चौहान को केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से त्रिपुरा कैडर दिया गया। अब तक वह राज्य में कई अहम पदों पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। मौजूदा समय में लकी चौहान त्रिपुरा के गोमती जिले के उदयपुर में एसपी पद पर तैनात हैं।

उत्तर प्रदेश के बुलन्दशहर में हुआ था जन्म

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के खुर्जा क्षेत्र के एक गांव में लकी चौहान का जन्म हुआ था। उनके पिताजी का नाम रोहताश सिंह चौहान है, जो प्रॉपर्टी डीलिंग का कार्य करते हैं। लकी चौहान की माता जी का नाम सुमन लता चौहान है. जो एक शिक्षिका हैं। बचपन से ही लकी चौहान पढ़ाई में बहुत ही होशियार थीं। एक इंटरव्यू के दौरान लकी चौहान ने यह बताया था कि जब वह नर्सरी कक्षा में पढ़ाई कर रही थीं तो उन्होंने एक प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया था।

पिता ने दी थी डीएम बनने की सलाह

लकी चौहान ने बताया कि उन्हें इसके लिए डीएम और एसपी से पुरस्कृत किया गया था। तभी उनके पिता ने कहा था कि तुम्हें भी एसपी व डीएम ही बनना है। लकी चौहान का ऐसा बताना है कि पिता की यह बात उनके मन में ऐसी बैठ गई थी कि वह हमेशा एसपी व डीएम बनने का ही सपना देखने लगीं। जब भी कोई उनसे पूछता था कि बड़ी होकर क्या बनोगी, तो वह अपने पिता की कही गई बात को ही दोहराया करती थीं।

आपको बता दें कि लकी चौहान ने 12वीं क्लास साइंस से किया है।

इसके बाद उन्होंने इंग्लिश लिटरेचर और इतिहास में ग्रेजुएशन की। ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद लकी चौहान की सरकारी नौकरी लग गई थी। उन्होंने केंद्रीय मंत्रालय में असिस्टेंट वेलफेयर एडमिनिस्ट्रेटर पद पर ज्वाइन भी कर लिया परंतु उनका सपना अभी पूरा नहीं हुआ था। उनका सपना तो आईपीएस बनने का था, इसी वजह से नौकरी के साथ-साथ उन्होंने यूपीएससी की तैयारी करने का फैसला कर लिया।लकी चौहान अपनी नौकरी के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी में जुट गईं।

अपने पिता की कही गई बात और अपने बचपन का सपना साकार करने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की और उनको अपनी मेहनत का फल भी प्राप्त हुआ। लगातार तीन साल की कड़ी मेहनत के बाद साल 2012 में यूपीएससी की परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया 246 रैंक हासिल की और इस तरह से उन्होंने अपने पिता का आईपीएस बनने का सपना साकार कर दिखाया।

Leave a Reply

Your email address will not be published.